social issues

आज कल कौन से ऐसे सामाजिक मुद्दे (Social issues) हैं जिनपे बात करना ज़रूरी है ?

अगर सामाजिक मुद्दों (Social issues) की बात करें तो आज कल हमारे आसपास मुद्दे ही मुद्दे हैं, लोगों द्वारा लगातार दूसरों की आलोचना भी की जा रही है. कोई किसी को लेके परेशान है तो कोई किसी को लेके हैरान है. टीवी देखते ही एंकर के चीखने की आवाज़ कान फाड़ने लगती है, और सुबह सुबह आए अख़बार दिल के चैन को उड़ा ले जाती है. मनुष्य घिरता ही जा रहा है चारों तरफ से, कुछ ऐसे जटिल मुद्दे हैं जो अब इंसानों के बस में नहीं हैं और कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो थोडा सा प्रयत्न कर इंसानों द्वारा कामयाबी पाई जा सकती है, मगर प्रयत्न करे कौन? किसके पास इतना टाइम है?

क्या होता है सोशल मुद्दा (Social issue)?

विकिपीडिया की मानें तो सामाजिक मुद्दा एक समस्या है जो एक समाज के भीतर कई नागरिकों को प्रभावित करती है। यह वर्तमान समाज में आम समस्या का एक समूह है और एक जिसे कई लोग हल करने का प्रयास करते हैं। यह अक्सर एक व्यक्ति के नियंत्रण से परे फैले कारकों का परिणाम है. सामाजिक मुद्दे आर्थिक मुद्दों से थोड़ा अलग हो सकते हैं मगर उनका परस्पर सम्बन्ध समाज को खोखला कर सकता है.

दुर्भाग्य से, वर्तमान समय में बहुत सारे सोशल मुद्दे (Social Issue) हैं, कुछ मीडिया उनको रिपोर्ट भी करता है लेकिन जितना करना चाहिए उतना नहीं, बहुत से देशों में  सरकारों से डर के मीडिया वही दिखता है जिससे वहां की सरकार को फायदा होता है.

आज के दौर में अगर देखा जाए तो ये कहा जा सकता है कि सरकार पैसा कमाने में लगी हैं, जनता अपनी ज़िन्दगी बचाने को लेके असमंजस में पड़ी है, महंगाई से लेके असामाजिक रस्मो रिवाज ने मिडिल क्लास की कमर तोड़ रखी है. अधार्मिक जटिलताओं ने धर्मों का सत्यानाश कर रखा है, नेताओं ने सियासत के नाम पे जनता को ठगने का काम किया है, पर्यावरण का बुरा हाल है, आर्थिक आपदा अब तो रोज़ का खेल बन चुकी है, हत्या और बलात्कार तो रोज़ का समाचार है, क्रिकेट विश्वकप की तरह दंगे हर 4 साल में होते रहते हैं, भुकमरी की दर पिछले दस सालों में दुगुनी से अधिक हो गई है, कुपोषण का डाटा ही नहीं मिल रहा है, बल विवाह कम तो हुआ था मगर कोरोना के दौर में ये खतरनाक तेज़ी के साथ बढ़ा है, नौकरियां तो राजाओं के ख्वाब जैसी है, शिक्षा का स्तर शिक्षक को भी नहीं पता, पेट्रोल डीजल की बात साइकिल चलाने वाले क्या जानें?

ये मुद्दे सिर्फ अपने देश का नहीं है बल्कि हर उस देश का है जो विकसित होने का सपना देखे हुए है…. दुनिया में ऐसे हजारों सामाजिक मुद्दे (Social Issues) हैं, इन सामाजिक मुद्दों (Social Issues) की कोई गिनती ही नहीं है, अगर इनको जल्द से जल्द हल नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियां आपको माफ़ नहीं करेंगी….

कुछ वर्तमान सामाजिक मुद्दे (Social Issues) निम्नलिखित है, इनको देखिये, अगर कुछ मुद्दे छुट गए हों तो कृपया कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं ताकि उनको भी यहाँ पे जगह दी जा सके.

  1. बढ़ते मोटर और एप्लायंसेज का वातावरण पे प्रभाव
  2. सोशल मीडिया और आत्महत्या
  3. बच्चों पर बदमाशी का असर
  4. नौजवानों पर फेक मीडिया का प्रभाव
  5. साइबर अपराधों को कैसे रोकें?
  6. शराब का दुष्प्रभाव
  7. माता-पिता का शराब का दुरुपयोग बच्चों को कैसे प्रभावित करता है?
  8. दहेज़ कुप्रथा का भ्रष्टाचार से सम्बन्ध व इसके प्रभाव
  9. गरीबी की दर बढ़ना
  10. जातिवाद लोगों के जीवन को कैसे प्रभावित कर रहा है?
  11. महंगी होती शिक्षा का समाज पे असर
  12. बच्चों पर घरेलू हिंसा का प्रभाव
  13. युवाओं का कट्टरवाद
  14. धर्म का टूल की तरह इस्तेमाल
  15. ज़मीनों का संप्रभुता
  16. वेश्यावृत्ति का समाज पर प्रभाव
  17. किशोर गर्भावस्था और लड़कियों के आगे के जीवन पर इसके परिणाम
  18. स्कूलों में यौन शिक्षा का अभाव
  19. सत्ता भोग के लिए धर्म/जाति/भाषा का इस्तेमाल
  20. फ़ौज का गलत इस्तेमाल
  21. सरकार द्वारा भूमि का अधिग्रहण
  22. बच्चों के विकास पर टेलीविजन का प्रभाव
  23. आटिज्म ग्रसित बच्चे और उनके साथ स्कूलों में बदसलूकी
  24. लोकतंत्र पे मंडराता खतरा
  25. सिंगल पेरेंटहुड: सिंगल मदर्स / पिताओं की चुनौतियाँ
  26. मोटापा का सामाजिक जीवन में प्रभाव
  27. ड्रग्स का समाज पर प्रभाव
  28. शहर में बढ़ती केमिकल फैक्ट्रीयां
  29. क्या सोशल मीडिया किशोरों के नैतिक मूल्यों को नष्ट कर रहा है?
  30. औरतों का यौन शोषण
  31. कीटनाशक का इस्तेमाल और उसका मनुष्य के जीवन पर प्रभाव
  32. विज्ञापन हमारी खरीदारी की आदतों को कैसे प्रभावित करता है?
  33. कट्टरपंथ व आतंकवाद का दुष्प्रभाव
  34. बाल मजदूरी का निवारण कैसे?
  35. विकलांगों के लिए अच्छी सेवा व नौकरी में हिस्सेदारी
  36. क्या पोर्नोग्राफी ही ज़िम्मेदार है बलात्कार के लिए?
  37. क्या सरकार हमारी राजनीति के विचारों को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रभावित करती है?
  38. गिरती आर्थिक स्थिति का समाज के रहन सहन पर प्रभाव
  39. इंटरनेट का गलत इस्तेमाल
  40. पोर्नोग्राफी से समाज को खतरा?
  41. जमाखोरी का गरीब जनता पे प्रभाव
  42. स्वस्थ व स्वक्ष वातावरण कैसे बनाएं
  43. बढती बेरोज़गारी का समाज पे असर
  44. अदालत की लेट लतीफी कार्रवाई
  45. बढती बीमारियाँ व
  46. भ्रामक वेबसीरीज व अश्लील चित्रण का समाज पे प्रभाव
  47. जल, वायु व ध्वनि प्रदूषण का बढ़ना
  48. सरकार में अंधा विश्वास
  49. महिला सुरक्षा
  50. कन्या भ्रूण हत्या का समज पे असर

सामाजिक मुद्दे (Social Issues) एक वास्तविक चुनौती हैं हमारे देश के लिए, समाज के लिए अपितु समूचे संसार के लिए. हालांकि, यह आपके शोध और कौशल के विकास में बहुत मददगार है। कभी-कभी आपको लगेगा कि ये मुद्दा तो चुटकियों में हल हो सकता है और आपको बहुत आसान प्रतीत होता है, मगर होता उल्टा है. जब भी आपको इस तरह का कार्य सौंपा जाए तो इसे समझना सुनिश्चित करें और उस सामाजिक मुद्दे के बारे में कुछ विचार करें जिसे आप संभालने जा रहे हैं.


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